बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में अब सरकारी योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। जिन गांवों तक पहले स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना बेहद कठिन माना जाता था, वहां अब डॉक्टरों और स्वास्थ्य टीमों की नियमित पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। कई इलाकों में मेडिकल टीमें पैदल पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच अभियान चलाकर लाखों लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल के जरिए अब मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे इलाज की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। इसके साथ ही गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अब बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुराने सुरक्षा शिविरों को धीरे-धीरे जन सुविधा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। इससे उन लोगों को राहत मिली है जिन्हें पहले छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
बैठक में बस्तर के लिए तैयार किए गए विकास रोडमैप पर भी चर्चा हुई। इसमें सड़क निर्माण, रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे मुख्यधारा से तेजी से जुड़ सकें।
जगदलपुर में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को भी इस बदलाव का अहम हिस्सा बताया गया। नए चिकित्सा संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं के विस्तार से अब लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रशासन का मानना है कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से क्षेत्र में स्थायी बदलाव संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि बस्तर में अब सकारात्मक माहौल बन रहा है और लोगों का भरोसा सरकार की योजनाओं पर बढ़ रहा है। पहले जो इलाके लंबे समय तक विकास से दूर रहे, वहां अब सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी सहायता पहुंच रही हैं। इससे आम लोगों के जीवन में धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देने लगा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बस्तर में हो रहे कार्यों की सराहना की और संकेत दिए कि आने वाले समय में इस मॉडल को और मजबूत किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर को विकास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के नए उदाहरण के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही हैं।
