बच्चू कडू ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल या सरकार के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक आंदोलनकारी के तौर पर अभिजीत दीपके से मिलने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं यहां एक आंदोलनकारी के रूप में दूसरे आंदोलनकारी से मिलने आया हूं।” उन्होंने जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन के लिए दीपके को बधाई भी दी।
धमकियों पर जताई चिंता
अभिजीत दीपके को कथित तौर पर मिल रही धमकियों के सवाल पर बच्चू कडू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को उन लोगों से बात करनी चाहिए जो ऐसी धमकियां दे रहे हैं और अनुचित व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है और इसे अपराध नहीं माना जाना चाहिए।
संजय शिरसाट ने भी की थी मुलाकात
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने भी दीपके के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने क्षेत्र के निवासी अभिजीत दीपके पर गर्व है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। शिरसाट ने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करेंगे।
आंदोलन की खुलकर की तारीफ
संजय शिरसाट ने बताया कि अभिजीत दीपके को अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में पढ़ाई के बाद नौकरी का अवसर मिला था, लेकिन उन्होंने छात्रों के हितों के लिए काम करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि दीपके ने किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को लेकर आंदोलन किया और उनकी सफलता में समाज के व्यापक समर्थन की बड़ी भूमिका रही। मंत्री ने यह भी कहा कि आंदोलन के बाद छात्रों की प्रमुख मांगों पर कार्रवाई हुई और इस पहल ने राज्य ही नहीं, देशभर में चर्चा बटोरी।
