नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है, जब सोशल मीडिया पर “CM उमर अब्दुल्ला लापता” पोस्टरों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस घटनाक्रम ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्टर साझा किए, जिनमें मुख्यमंत्री Omar Abdullah को लेकर तंज कसा गया था। इन पोस्टरों में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री पिछले कई दिनों से “लापता” हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
भाजपा के इस कदम पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (Jammu and Kashmir National Conference) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने इसे विपक्ष की “सस्ती राजनीति” करार देते हुए कहा कि उनके पास इससे बेहतर कोई मुद्दा नहीं है। श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में नमाज के बाद मीडिया से बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसे अभियान केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए चलाए जाते हैं और इनका जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ऐसे आरोपों पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि जनता सब समझती है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं और दोनों दलों के बीच सहयोग मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि “ये सब हमारे दुश्मन फैला रहे हैं, गठबंधन कायम है और कुछ नहीं होगा।”
इस बीच, जम्मू-कश्मीर में चल रहे विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने ईंधन आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि वैश्विक तनाव जल्द समाप्त होगा और हालात सामान्य होंगे।
जम्मू के सिधरा इलाके में गुर्जर और बकरवाल समुदायों से जुड़े विवाद पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इस मामले में उनकी पार्टी या राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है और इस पर जांच चल रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती समुदायों को लेकर गलत धारणाएं बनाई जा रही हैं, जबकि ये लोग हमेशा देश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
वहीं पीडीपी (People’s Democratic Party) द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी उन्होंने तीखा जवाब दिया। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जिन्होंने अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने में भूमिका निभाई, वे अब सरकार की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अब राजनीतिक शोर मचा रहे हैं और उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए।
कुल मिलाकर, “CM उमर अब्दुल्ला लापता” पोस्टर विवाद ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
