नई दिल्ली ।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। एयरलाइन के अनुसार, नई दरें मंगलवार से बुक होने वाली सभी उड़ानों पर लागू होंगी। इससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के टिकट खर्च में बढ़ोतरी होगी। फ्यूल चार्ज घरेलू उड़ानों में तय दूरी के आधार पर और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में रूट तथा क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग रखा गया है।
एयरलाइन के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में एटीएफ की कीमतों में महीने-दर-महीने 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। एयरलाइन ने बताया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल उसकी परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा है। इसलिए ईंधन की कीमत बढ़ने का असर एयरलाइन की लागत संरचना और नेटवर्क के संचालन पर पड़ रहा है।
घरेलू उड़ानों के लिए 500 किलोमीटर तक की दूरी पर 375 रुपये का फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। 501 से 1,000 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए यह शुल्क 600 रुपये होगा। 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों पर 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर की उड़ानों पर 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 1,300 रुपये का फ्यूल चार्ज लिया जाएगा। इस तरह घरेलू उड़ानों के लिए शुल्क दूरी बढ़ने के साथ अलग-अलग निर्धारित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी अलग-अलग शुल्क तय किया गया है। सार्क क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक की दूरी वाली उड़ानों पर 1,000 रुपये और 500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर 3,000 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा। वहीं, साउथ-ईस्ट एशिया, जीसीसी, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ व ईस्ट एशिया जाने वाली उड़ानों के लिए 5,500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। अफ्रीका और यूरोप जाने वाली उड़ानों पर फ्यूल चार्ज 6,000 रुपये होगा।
एयरलाइन ने कहा है कि बढ़ती ईंधन लागत की पूरी भरपाई करने के लिए फ्यूल चार्ज में इससे अधिक बढ़ोतरी की जरूरत हो सकती थी, लेकिन यात्रियों पर पड़ने वाले असर को कम रखने के लिए अपेक्षाकृत सीमित बदलाव किया गया है। एयरलाइन के अनुसार, ईंधन की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह शुल्क बढ़ाना जरूरी हुआ है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी बीते तीन महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में इस वृद्धि का असर एयरलाइन के परिचालन खर्च पर पड़ रहा है। नई फ्यूल चार्ज दरों के लागू होने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के यात्रियों को टिकट बुक करते समय अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
