कर्नाटक से आने वाले केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बताया कि मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को अब बेंगलुरु तक बढ़ाया गया है। ट्रेन हासन, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। कुमारस्वामी कर्नाटक की मांड्या लोकसभा सीट से सांसद हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग और इस्पात मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते यात्री यातायात के साथ पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु तथा मडगांव को जोड़ने वाली वंदे भारत सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था।
कुमारस्वामी ने अपने बयान में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुरोध पर रेल मंत्री की ओर से तुरंत और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई। इसके बाद मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार बेंगलुरु तक किया गया है। अब यह ट्रेन बदली हुई समय-सारणी के साथ ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। नई व्यवस्था में हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार के रास्ते बेंगलुरु और मडगांव को जोड़ा गया है।
कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधुनिक रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक तथा गोवा को एक-दूसरे के करीब लाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन, क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और राज्यों के बीच आपसी संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के बेंगलुरु तक विस्तार के साथ इस रेल मार्ग से जुड़े यात्रियों को अब नई सेवा के जरिए यात्रा का विकल्प मिलेगा।
रेल सेवा के इस विस्तार में बेंगलुरु से मडगांव के बीच हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार को जोड़ा गया है। मौजूदा ट्रेन सेवा को विस्तार देने के साथ इसका नाम और ट्रेन नंबर भी बदला गया है। नई व्यवस्था में ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के तौर पर सेवा संचालित होगी। इसके लिए बेहतर समय-सारणी तय की गई है। इस विस्तार को यात्रियों की बढ़ती जरूरतों, पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व से जोड़कर देखा गया है। बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए यात्रियों की सुविधा के साथ क्षेत्रीय गतिविधियों और राज्यों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
