दिल्ली में मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि उनकी संपत्तियों से जुड़ी जानकारी इनकम टैक्स विभाग के पास है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों को भी कानून के तहत कारोबार करने और संपत्ति खरीदने का अधिकार है। शिवकुमार ने सवाल किया कि क्या एचडी कुमारस्वामी इनकम टैक्स अधिकारी हैं।
कुमारस्वामी ने NICE प्रोजेक्ट को लेकर लगाए आरोप
दरअसल, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (BMIC), जिसे NICE प्रोजेक्ट भी कहा जाता है, को लेकर शिवकुमार पर आरोप लगाए हैं। कुमारस्वामी ने दावा किया कि प्रोजेक्ट के मूल स्वरूप में बाद में बदलाव किए गए और जमीन आवंटन तथा विकास योजना में कथित अनियमितताओं से निजी पक्षों को फायदा पहुंचा।
कुमारस्वामी ने शिवकुमार की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शिवकुमार की घोषित संपत्ति करीब ₹4 करोड़ से बढ़कर 2023 में ₹1,413 करोड़ से ज्यादा हो गई। उन्होंने NICE प्रोजेक्ट से जुड़े जमीन सौदों में शिवकुमार और उनके परिवार को कथित लाभ मिलने का आरोप लगाया है। होसकरेहल्ली की जमीन और शोभा डेवलपर्स से जुड़े ज्वाइंट वेंचर का भी उन्होंने उल्लेख किया।
हालांकि, ये आरोप कुमारस्वामी की ओर से लगाए गए हैं। शिवकुमार ने इन्हें खारिज करते हुए अपनी संपत्ति को वैध बताया है।
‘क्या मैंने रिश्वत ली या किसी घोटाले में पकड़ा गया?’
शिवकुमार ने कहा कि वह किसान और कारोबारी परिवार से आते हैं। उनके मुताबिक, कारोबार और संपत्ति रखना कानून के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी संपत्ति घोषित की है और उनके बच्चों को भी कारोबार करने तथा संपत्ति खरीदने का अधिकार है।
₹5 करोड़ के निवेश से जुड़े कुमारस्वामी के आरोप पर भी शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने न कोई रिश्वत ली है और न किसी घोटाले में पकड़े गए हैं। उनके मुताबिक, समय के साथ संपत्तियों की कीमत बढ़ना अपने आप में गलत नहीं है।
शिवकुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री एस. बंगारप्पा के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने उस समय करीब ₹99 हजार में एक साइट खरीदी थी, जिसकी मौजूदा कीमत करीब ₹20 करोड़ है। उन्होंने कहा कि संपत्ति की बाजार कीमत बढ़ने को अपने आप में गलत नहीं माना जा सकता।
शिवकुमार ने कहा कि वह हर साल अपनी संपत्ति घोषित करते हैं। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनकी संपत्तियों की जांच कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई दूसरी एजेंसी भी जांच करना चाहती है तो वह कर सकती है।
‘कुमारस्वामी विधानसभा में आकर बहस करें’
कुमारस्वामी की बहस की चुनौती पर शिवकुमार ने कहा कि विधानसभा की सीढ़ियों पर बहस करने की जरूरत नहीं है। अगर कुमारस्वामी बहस करना चाहते हैं तो विधानसभा के अंदर आकर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
फोन टैपिंग और ब्लैकमेल जैसे आरोपों को लेकर भी शिवकुमार ने कुमारस्वामी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले भी इस तरह की राजनीति का सामना करना पड़ा है और वह किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
शिवकुमार ने बीजेपी और जेडीएस गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान का भी आरोप लगाया और कहा कि इसी वजह से कुमारस्वामी इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कुमारस्वामी के परिवार और पुराने प्रोजेक्ट्स से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। हालांकि, शिवकुमार ने कहा कि वह कुमारस्वामी की संपत्तियों पर अभी कोई आरोप नहीं लगाना चाहते और केवल मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे हैं।
दिल्ली में शिक्षा नीति को लेकर बैठक
शिवकुमार ने अपने दिल्ली दौरे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों की शिक्षा नीति और परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने को लेकर बैठक हुई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और कई राज्यों के मुख्यमंत्री एवं मंत्री शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि बैठक में परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक रोकने पर चर्चा हुई। शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में KPSC जैसी परीक्षाओं में भी सुधार किए जाएंगे।
ठेकेदारों के ₹38 हजार करोड़ के बकाये पर भी बोले
ठेकेदारों की ओर से सरकार पर करीब ₹38 हजार करोड़ के बकाये का दावा किए जाने पर भी शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने कई कामों को मंजूरी दी थी, जिसके चलते मौजूदा सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने माना कि वर्तमान वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार इस स्थिति से निपटने और बकाये से जुड़े मामलों का समाधान निकालने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
