प्रस्तावित तीन लिंक में करीब 20 किलोमीटर लंबा UER-II से दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे लिंक करीब 17 किलोमीटर लंबा UER-II से ट्रोनिका सिटी लिंक और करीब 35 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा कॉरिडोर शामिल है। इन परियोजनाओं के तैयार होने से दिल्ली के भीतर से होकर गुजरने वाले कई वाहनों को बाहरी और तेज मार्ग मिल सकेगा।
पहली परियोजना अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 यानी UER-II को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की है। करीब 20 किलोमीटर लंबे इस लिंक से दिल्ली गुरुग्राम और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की तरफ से पंजाब जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कई वाहनों को दिल्ली और हरियाणा के व्यस्त मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। नया लिंक तैयार होने पर उन्हें वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है।
इस कॉरिडोर का प्रस्तावित मार्ग कराला-कंझावला क्षेत्र के पास UER-II से शुरू होकर लाडपुर जोंती कनोदा और कुलसी जैसे इलाकों के आसपास से गुजरने और बहादुरगढ़ के पास मुख्य एक्सप्रेसवे से जुड़ने का है। इससे पश्चिमी दिल्ली के साथ नजफगढ़ मुंडका द्वारका और बहादुरगढ़ क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो सकती है।
दूसरा लिंक करीब 17 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य उत्तरी दिल्ली में अलीपुर के पास UER-II को यमुना पार कर लोनी क्षेत्र के पास ट्रोनिका सिटी और दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ना है। इसकी अनुमानित लागत करीब 3500 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके बनने से दिल्ली के अंदर से गुजरने वाले राजस्थान हरियाणा और दिल्ली के पश्चिमी तथा उत्तरी हिस्सों के वाहनों को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरफ जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है।
तीसरी परियोजना करीब 35 किलोमीटर लंबी होगी और इसे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को नोएडा तथा गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र से जोड़ने की योजना है। इसकी अनुमानित लागत करीब 4400 करोड़ रुपये बताई गई है। प्रस्तावित कॉरिडोर अक्षरधाम के आसपास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़कर दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा के साथ आगे बढ़ेगा और नोएडा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होने की योजना है।
इस कॉरिडोर का मकसद दिल्ली के घने यातायात वाले हिस्सों को बाईपास करते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक तेज संपर्क उपलब्ध कराना है। फिलहाल कई इलाकों से नोएडा जाने वाले वाहनों को रिंग रोड आउटर रिंग रोड आईटीओ अक्षरधाम या डीएनडी जैसे व्यस्त रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है। ट्रैफिक के हिसाब से इस सफर में काफी समय लग सकता है। प्रस्तावित लिंक तैयार होने के बाद यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तीनों परियोजनाओं का अंतिम स्वरूप DPR और संबंधित मंजूरियों के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल इन लिंक एक्सप्रेसवे को दिल्ली-NCR में यातायात का दबाव कम करने और अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों को सीधे वैकल्पिक मार्ग देने की योजना के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
