न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन की अदालत ने यह आदेश ऐसे समय दिया है, जब मामले में पहले जारी समन की तामील अब तक नहीं हो पाई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, पहला समन जुलाई 2019 में जारी किया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं, जिसके कारण समन पहुंचाने में लंबे समय से परेशानी आ रही है।
गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित पते पर भेजा जाएगा समन
शिकायतकर्ता के वकील समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी फिलहाल भारत में हैं और हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर-56 स्थित एक आवास पर रह रहे हैं। इसी जानकारी के आधार पर नए पते पर समन भेजने की मांग की गई थी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से पता चलता है कि शिकायतकर्ता कई वर्षों से ध्रुव राठी को समन पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद अदालत ने बताए गए गुरुग्राम के पते पर नया समन जारी करने का निर्देश दिया।
अदालत ने समन की प्रक्रिया के लिए दो दिन के भीतर आवश्यक शुल्क जमा करने को कहा है। संबंधित कर्मचारी को समन जारी करने की प्रक्रिया रोजाना आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है। अब 17 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की स्थिति पर विचार किया जाएगा।
मई 2018 के वीडियो से जुड़ा है मानहानि का मामला
यह मामला मई 2018 में ध्रुव राठी द्वारा जारी किए गए वीडियो ‘भाजपा आईटी सेल पार्ट-2’ से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि वीडियो में उनके खिलाफ मानहानिकारक बातें कही गई थीं। विकास पांडे ‘आई सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ नाम से सोशल मीडिया पेज चलाते हैं।
शिकायत के अनुसार, वीडियो में आरोप लगाया गया था कि भाजपा आईटी सेल ने शिकायतकर्ता को बदनाम करने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की थी। वीडियो में यह भी दावा किया गया था कि विकास पांडे की भाजपा आईटी सेल में अहम भूमिका थी और उन्होंने महावीर प्रसाद नाम के व्यक्ति को 50 लाख रुपये देने की पेशकश की थी, ताकि वह भाजपा आईटी सेल के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने के आरोप वापस ले ले।
विकास पांडे ने इन आरोपों को मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। इसी शिकायत पर साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही चल रही है। वीडियो में लगाए गए आरोप शिकायत का हिस्सा हैं; अदालत में इनकी कानूनी जांच कार्यवाही के तहत होनी है।
अरविंद केजरीवाल ने भी साझा किया था वीडियो
इस विवाद में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी जुड़ा था। उन्होंने ध्रुव राठी के वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया था। इसके बाद विकास पांडे ने ध्रुव राठी और अरविंद केजरीवाल, दोनों के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की थी।
फरवरी 2024 में अरविंद केजरीवाल ने वीडियो साझा करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष माफी मांगी थी। वहीं, ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत पर साकेत कोर्ट में कार्यवाही जारी है।
अब गुरुग्राम के पते पर समन भेजने के आदेश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख तय की है।
