मौलाना ने अपने ऐलान में कहा कि जंतर-मंतर पर होने वाला CJP का प्रदर्शन अवैध है और मुस्लिम समुदाय के लोगों को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। मौलाना ने कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की है। ऐसे में लोगों को वहां जाने से बचना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रदर्शन में शामिल होने जाता है और उसके साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की नहीं होगी। उन्होंने लोगों से इस चेतावनी को गंभीरता से लेने और प्रस्तावित कार्यक्रम से दूर रहने की अपील दोहराई।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे निर्धारित प्रक्रिया और सूचना देने से जुड़े नियमों का हवाला दिया है। दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि CJP की ओर से सौरव दास के नाम से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था। इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की मांग करना बताया गया था। पुलिस ने आवेदन पर विचार करने के बाद पाया कि कार्यक्रम की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी। निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से कम से कम 10 दिन पहले सूचना प्राप्त होनी चाहिए थी। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।
पुलिस ने पार्टी और प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे लोगों को चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है कि पुलिस ने इसे आयोजित करने की मंजूरी नहीं दी है। वहीं, मौलाना की अपील भी इसी घटनाक्रम के बीच सामने आई है, जिसमें उन्होंने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह की परेशानी से बचने को कहा है।
दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने प्रदर्शन करने के अपने फैसले पर कायम रहने की बात कही है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि 10 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और उन्हें अपने ऊपर लगाए गए गंभीर आरोपों पर जवाबदेही देनी होगी। अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि पुलिस या सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों को रोकेंगे, तो वे जिस स्थान पर रोके जाएंगे, वहीं जंतर-मंतर जैसा प्रदर्शन स्थल बना देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता सरकार के पास हो सकती है, लेकिन सड़कें देश की जनता की हैं। उनके अनुसार, नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से नहीं रोका जाना चाहिए। इस तरह, एक ओर पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि दूसरी ओर CJP ने प्रदर्शन करने का ऐलान दोहराया है।
