सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की निवासी पूनम देवी ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करना चाहती हैं। उनके पास पहले से पांच गाय हैं और उन्होंने बताया कि अन्य गोवंश रखने के लिए उनके पास पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। उन्होंने सरकार से अतिरिक्त गाय उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाई जा सके।
पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव पशुधन को निर्देश दिया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गाय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ भी दिलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने महिला की गोपालन के प्रति रुचि और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक करके उनकी समस्याएं पूछीं और प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पूनम देवी से बातचीत के दौरान उन्होंने गोसेवा के महत्व का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने अपनी मांग पर तत्काल संज्ञान लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।
इसी दौरान जनता दर्शन में पहुंचे एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। पीड़ित ने बताया कि उसकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन की जांच कराने और नियमानुसार समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनता दर्शन में सामने आए मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ, भूमि विवाद और अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल रहीं।
इस दौरान मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतों का समाधान संबंधित विभागों के स्तर पर प्रभावी ढंग से किया जाए। महिला की गोपालन संबंधी मांग और दिव्यांग की भूमि से जुड़े मामले में तत्काल निर्देश दिए जाने से जनता दर्शन में शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश गया।
