मामला गोवा में SIR के दौरान एक परिवार के छह सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने से जुड़ा है। इस मामले में परिवार का नाम हटाने से पहले उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। इसी बिंदु पर सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाना है तो उससे पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। अदालत ने बिना सुनवाई के नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग से संबंधित कानूनी आधार स्पष्ट करने को कहा।
सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से तकनीक के बजाय कानून और नियमों के अनुसार प्रक्रिया अपनाने को कहा। अदालत ने SIR के दौरान इस्तेमाल की जा रही प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। कोर्ट की टिप्पणी थी कि मौजूदा प्रक्रिया को देखने पर ऐसा लग रहा है कि कानून और नियमों को कुछ समय के लिए किनारे कर दिया गया है और काम सॉफ्टवेयर के हिसाब से किया जा रहा है। इस टिप्पणी के जरिए अदालत ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में तकनीकी प्रक्रिया के साथ कानूनी प्रावधानों के पालन के महत्व पर सवाल उठाया।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित चुनाव अधिकारी को भी कोर्ट में बुलाया है। हाईकोर्ट की सुनवाई का केंद्र यह रहा कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति या परिवार के सदस्यों के नाम हटाने की कार्रवाई किस कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और क्या संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। अदालत ने स्पष्ट रूप से चुनाव आयोग से उस कानून का आधार बताने को कहा जिसके तहत बिना सुनवाई के किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। मामले में गोवा के परिवार के छह सदस्यों के नाम हटाए जाने की कार्रवाई इसी प्रक्रिया के संदर्भ में जांच के दायरे में है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की इस सुनवाई में SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया, सुनवाई का अवसर और कानून के पालन से जुड़े सवाल प्रमुख रहे। अदालत ने कहा कि तकनीकी व्यवस्था के आधार पर प्रक्रिया चलाने के बजाय संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है कि किसी मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से छूट न जाए। मामले में संबंधित चुनाव अधिकारी को अदालत के समक्ष बुलाए जाने के बाद अब नाम हटाने की प्रक्रिया और उसके कानूनी आधार से जुड़े पहलुओं पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।
