संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि झारखंड में बड़ी संख्या में छात्र लंबे समय से कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस की ओर से उनके समर्थन में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर भी विपक्ष इन मामलों को प्रमुखता से नहीं उठा रहा है। भाजपा का दावा है कि विपक्ष केवल उन्हीं मुद्दों को आगे बढ़ाता है जिनसे उसे राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना दिखाई देती है।
भाजपा ने संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र के संचालन को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। संबित पात्रा ने कहा कि संसद का प्रत्येक सत्र जनता के धन से चलता है और इस पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल और कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के रवैये की वजह से महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में अपेक्षित चर्चा नहीं हो पा रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा ने कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे के एक बयान का भी उल्लेख किया। पार्टी ने दावा किया कि पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के संबंध में मंत्री की टिप्पणी असंवेदनशील थी। भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी प्रतिक्रिया देने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। वहीं कांग्रेस की ओर से इस मामले में अलग-अलग अवसरों पर अपने विचार व्यक्त किए जाते रहे हैं।
इधर झारखंड में राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष से जांच एजेंसियों द्वारा कई दौर की पूछताछ भी की जा चुकी है। उन्होंने इससे पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।
पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बना हुआ है। विभिन्न राज्यों में सामने आए मामलों को लेकर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। वहीं अभ्यर्थियों की मांग है कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राज्यों की राजनीति में भी प्रमुख बना रह सकता है।
