संबित पात्रा ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हो रहा है और टेलीविजन तथा सोशल मीडिया पर जो दिखाया जा रहा है, उसे भारत की पूरी कहानी नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, देश में शांति बनी हुई है और सुशासन के साथ व्यवस्था आगे बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी के एक कोने में अराजक तत्वों की ओर से अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा प्रवक्ता ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि यह पूरी तरह फ्लॉप रहा और इसका उद्देश्य सफल नहीं हुआ।
प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में पात्रा ने आरोप लगाया कि इसके जरिए देश और राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आगजनी कराने, मारपीट की स्थिति पैदा करने और सड़कों पर संघर्ष कराने का प्रयास किया गया था। हालांकि, ये सभी बातें भाजपा प्रवक्ता के आरोपों के रूप में सामने आईं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के समर्थन में किसी अलग जांच रिपोर्ट या आधिकारिक निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने अपने बयान में लोकतंत्र और भीड़तंत्र के बीच अंतर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश सफल नहीं हुई और इसे भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जिस तरह की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया गया था, वह सफल नहीं हो सकी। उन्होंने प्रदर्शन के आयोजन और उसके प्रभाव को लेकर अपनी पार्टी का विरोध स्पष्ट किया।
सीजेपी का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई थी। प्रदर्शन को लेकर भाजपा की प्रतिक्रिया इसी घटनाक्रम के संदर्भ में आई है। संबित पात्रा ने अपने बयान में प्रदर्शन को देश की व्यापक स्थिति का प्रतिनिधि मानने से इनकार किया और कहा कि जंतर-मंतर पर दिखाई दे रही गतिविधियां भारत की कहानी नहीं हैं।
भाजपा की ओर से जारी इस प्रतिक्रिया में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा, व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए गए। पात्रा ने दावा किया कि देश में शांति और सुशासन कायम है तथा राजधानी में कथित अराजक गतिविधियों के जरिए स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सका। इस तरह सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने राजनीतिक विरोध दर्ज कराया और आगजनी, मारपीट तथा राजधानी को बंधक बनाने की कथित कोशिशों का आरोप लगाया। इन आरोपों के संबंध में उपलब्ध विवरण में विपक्ष या प्रदर्शन आयोजकों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
