सैन फ्रांसिस्को पहुंचने पर गुजराती समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद पटेल अपने अमेरिकी कार्यक्रमों की शुरुआत सैन फ्रांसिस्को में गुजराती समुदाय के सदस्यों के साथ बैठक से करेंगे। इस दौरान गुजरात के आर्थिक विकास, निवेश की संभावनाओं और राज्य के साथ वैश्विक कारोबारी समुदाय के संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री का यह विदेश दौरा 17 से 24 अगस्त तक अमेरिका और कनाडा में चलेगा। अमेरिकी चरण के दौरान सैन फ्रांसिस्को के अलावा वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में भी निवेशकों, उद्योग संगठनों, तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और कारोबारियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल कनाडा के टोरंटो जाएगा।
दौरे के दौरान राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस और आमने-सामने की कारोबारी बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में गुजरात को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने के साथ राज्य में विदेशी कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी जाएगी। विशेष रूप से विनिर्माण, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर जोर रहने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के साथ गुजरात सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी दौरे पर हैं। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव एम.के. दास, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. नटराजन, उद्योग एवं खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ममता वर्मा, प्रधान सचिव संजीव कुमार और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे शामिल हैं।
इस यात्रा में गुजरात के व्यापार और उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी है। उद्योग प्रतिनिधिमंडल में 22 कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें विनिर्माण, केमिकल, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। इससे सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ उद्योग जगत की सीधी भागीदारी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य की निवेश रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनवरी 2027 में होने वाले अगले संस्करण से पहले गुजरात सरकार अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और उद्योग समूहों के साथ संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है।
बताया जा रहा है कि 25 से अधिक वर्षों के बाद गुजरात के किसी मौजूदा मुख्यमंत्री का यह पहला आधिकारिक अमेरिका दौरा है। ऐसे में इस यात्रा को राज्य सरकार की वैश्विक निवेश पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
गुजरात सरकार का लक्ष्य विदेशी निवेश के साथ-साथ राज्य के उद्योगों को वैश्विक कारोबारी नेटवर्क से जोड़ना भी है। अमेरिका और कनाडा में होने वाली बैठकों के दौरान संभावित निवेश, औद्योगिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग और गुजरात में नई परियोजनाओं की संभावनाओं पर बातचीत होगी।
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब राज्य सरकार वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अगले संस्करण की तैयारियों को गति दे रही है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ शुरुआती बातचीत से संभावित भागीदारी और निवेश प्रस्तावों को समिट से पहले आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। इससे गुजरात की औद्योगिक और निवेश संबंधी प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने में भी मदद मिलने की संभावना है।
