डॉ. अर्चना गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं और लंबे समय से बीजेपी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। वह मूल रूप से हरियाणा के पानीपत की रहने वाली हैं। पार्टी में उनकी पहचान एक मजबूत संगठनकर्ता और जमीनी नेता के रूप में रही है। प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले वह हरियाणा बीजेपी में महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। इसके अलावा वह जिला बीजेपी अध्यक्ष समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम कर चुकी हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने गुरुवार को हरियाणा समेत दिल्ली, पंजाब और त्रिपुरा इकाइयों के नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार हरियाणा में अर्चना गुप्ता, पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों, त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय और दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
अर्चना गुप्ता ने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष के रूप में मोहन लाल बड़ौली की जगह ली है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत बनाने के लिए पूरी मेहनत करेंगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी महिलाओं को बराबरी का भागीदार मानती है और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
पानीपत में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अर्चना गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उनके सशक्तीकरण के लिए काम करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम के मुद्दे पर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं को आरक्षण देने की दिशा में कई बार रुकावट पैदा की और महिलाओं के साथ विश्वासघात किया।
नई प्रदेश अध्यक्ष ने हरियाणा बीजेपी को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले नेताओं का भी धन्यवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ और सुभाष बराला के कार्यों की सराहना की। अर्चना गुप्ता ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य संगठन को और मजबूत करना तथा महिलाओं और युवाओं को पार्टी से जोड़ना रहेगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी ने अर्चना गुप्ता को आगे कर हरियाणा में महिला वोट बैंक और संगठनात्मक मजबूती दोनों पर बड़ा दांव खेला है। आने वाले समय में उनकी नेतृत्व क्षमता पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकती है।
