नई दिल्ली । NEET पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर स्थित केमिस्ट्री कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो की इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 तक पहुंच गई है, जिससे पूरे प्रकरण में शामिल नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर है, जो लातूर सहित कई जिलों में संचालित एक कोचिंग सेंटर का संचालन करता है। CBI की टीम ने हाल ही में उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से NEET UG परीक्षा से जुड़ा कथित लीक पेपर मिलने की बात सामने आई है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है।
CBI के अनुसार, आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी हासिल कर उसे आगे विभिन्न माध्यमों से छात्रों तक पहुंचाने में शामिल था। जांच एजेंसी का दावा है कि 23 अप्रैल को ही पेपर और आंसर की तक पहुंच बनाई गई थी, जिसे बाद में कई लोगों को साझा किया गया। इससे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छापेमारी से पहले आरोपी से लंबी पूछताछ भी की गई थी, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। जांच के दौरान यह भी संदेह जताया गया है कि कोचिंग सेंटर में छात्रों को विशेष रूप से लीक हुए प्रश्नों के आधार पर तैयार कराया गया था, जिससे परीक्षा परिणामों को प्रभावित किया जा सके।
इस पूरे मामले ने शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े घोटाले की ओर इशारा किया है, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पेपर लीक का यह सिलसिला कितने स्तरों तक फैला हुआ है।
इस बीच शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है, जहां विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार की ओर से जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता देने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
NEET जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की घटनाएं छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का कारण बन गई हैं। लाखों उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़े इस मामले में अब सभी की नजरें जांच के अगले कदम और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।
