पुलिस के अनुसार घटना 18 जुलाई 2026 की है। ग्राम बम्होरी निवासी 43 वर्षीय आरती, पत्नी रामभगस साहू, को बुखार आया था। तब उसके परिजन इलाज के लिए महाराजा मार्केट स्थित एक क्लिनिक पर लेकर पहुंचे थे। यहां राजेश सिन्हा नाम का व्यक्ति इलाज करता था। महिला की जांच और उपचार के दौरान उसके भाई ज्योतिप्रकाश मंडल उर्फ काली ने फोन पर राजेश से बातचीत की।
इसके बाद ज्योतिप्रकाश ने आरती को दो इंजेक्शन लगाए। इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला की तबीयत अचानक और बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे तत्काल हर्रई अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकीय उपचार के दौरान आरती की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपचार से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस को राजेश सिन्हा और ज्योतिप्रकाश मंडल के पास चिकित्सा शिक्षा से संबंधित कोई प्रमाण पत्र, डिग्री या डिप्लोमा नहीं मिला। इसके अलावा दोनों के पास मेडिकल रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। इसके बावजूद दोनों मरीजों का इलाज कर रहे थे और उन्हें दवाएं तथा इंजेक्शन दे रहे थे। पुलिस ने इसी आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 3(5) के साथ मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम की धारा 24 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजेश सिन्हा और ज्योतिप्रकाश मंडल दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की जांच का मुख्य आधार महिला को दिए गए उपचार, दोनों आरोपियों की चिकित्सा योग्यता और घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने से जुड़े तथ्य रहे।
मामला बिना वैध चिकित्सा योग्यता के मरीजों का इलाज किए जाने से जुड़ा है। जांच में दोनों आरोपियों के पास इलाज करने के लिए जरूरी डिग्री, डिप्लोमा और मेडिकल रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसके बावजूद वे मरीजों को दवाएं और इंजेक्शन दे रहे थे।
आरती को बुखार की शिकायत के बाद इलाज के लिए क्लिनिक ले जाया गया था, लेकिन दो इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में हैं और उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
