नई दिल्ली । विदिशा वन मंडल में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। ग्राम पंचायत बीजूखेड़ी, जनपद पंचायत लटेरी के पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई वन भूमि पर कब्जे के गंभीर आरोपों और जांच में दोष सिद्ध होने के बाद की गई है।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब वन परिक्षेत्र उत्तर लटेरी की देहरीपामा बीट के कक्ष क्रमांक पी-410 में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत सामने आई। इस पर वन विभाग ने 21 जुलाई 2024 को वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर पर ही इस अतिक्रमण का आरोप था।
वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 ‘अ’ के तहत संबंधित सचिव को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन आरोपी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे मामला और गंभीर हो गया।
जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद वनमंडलाधिकारी विदिशा ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद भूमि से कब्जा नहीं हटाया गया। आदेश की अवहेलना के बाद विभाग ने जिला पंचायत को कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
इसके बाद जिला पंचायत ने कार्रवाई करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर 8 मई 2026 को पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि संरक्षण को लेकर एक सख्त संदेश दिया गया है।
