सराफा यूथ फेडरेशन के पंडाल में इस बार भगवान गणेश की सजावट को बेहद खास रूप दिया गया है। संगठन से जुड़े 10 से अधिक प्रमुख व्यापारियों ने मिलकर इस विशेष श्रृंगार को तैयार किया है। पंडाल में करीब 20 किलो चांदी से तैयार किए गए एंटीक आभूषण और बर्तनों को सजाया गया है। इन वस्तुओं को देखने के लिए भक्तों और स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता रही। गणेश प्रतिमा के साथ चांदी से जुड़ी प्राचीन वस्तुओं की सजावट ने पूरे पंडाल को अलग रूप दे दिया।
पंडाल में रखी गई ऐतिहासिक वस्तुओं में राजा-महाराजाओं के समय के पुराने आभूषण भी शामिल हैं। इसके अलावा एक प्राचीन एंटीक छड़ी और चांदी से बना श्रीफल यानी रजत नारियल भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पंडाल में आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के साथ इन पुरानी और कलात्मक वस्तुओं को भी करीब से देख रहे हैं। चांदी की चमक और एंटीक वस्तुओं की नक्काशी ने पंडाल की सजावट को खास बना दिया है।
सराफा यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी के अनुसार संगठन पिछले 14 वर्षों से भगवान गणेश की स्थापना करता आ रहा है। हर साल समिति की कोशिश रहती है कि गणेश पंडाल में कुछ नया और अलग देखने को मिले। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार चांदी के बर्तनों और एंटीक ज्वेलरी को सजावट की थीम बनाया गया।
फेडरेशन की ओर से हर वर्ष पंडाल की थीम में बदलाव किया जाता है। दो साल पहले गणेश पंडाल को भारतीय मुद्रा के नोटों से सजाया गया था। इसके बाद सोने की ज्वेलरी के जरिए भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया। इस बार चांदी के बर्तनों और एंटीक आभूषणों को थीम का हिस्सा बनाया गया है। इससे गणेश पंडाल को पारंपरिक और ऐतिहासिक स्वरूप देने की कोशिश की गई है।
गणेश उत्सव के अंतिम दिन पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ भी देखने को मिली। भक्तों ने भगवान गणेश के रजत श्रृंगार के दर्शन किए और एंटीक वस्तुओं को भी देखा। करीब 45 लाख रुपए की चांदी से तैयार यह सजावट गणेश उत्सव के दौरान उज्जैन में चर्चा का विषय बनी रही। आयोजकों के मुताबिक हर साल कुछ नया करने की कोशिश का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ कला और विरासत से जोड़ना भी है। इस बार चांदी और ऐतिहासिक वस्तुओं की थीम ने इसी प्रयास को एक अलग पहचान दी।
