कोर्ट में पेशी के दौरान सीबीआई ने दोनों आरोपियों की रिमांड की मांग की, जिसे स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई रिमांड पर था, जिसकी अवधि समाप्त होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।
जांच एजेंसी अब इस मामले में गहन पूछताछ की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, रिमांड अवधि के दौरान सीबीआई दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, ताकि बयानों में मौजूद विरोधाभास सामने लाए जा सकें। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि समर्थ सिंह ने फरारी के दौरान कहां समय बिताया और किन लोगों से संपर्क में रहा।
सीबीआई इस केस में तकनीकी और डिजिटल जांच को भी अहम हथियार बना रही है। एजेंसी कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और इंटरनेट गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना की रात किन लोगों से संपर्क हुआ और बाद में घटनास्थल पर कोई बदलाव तो नहीं किया गया।
सबसे महत्वपूर्ण कदम के रूप में सीबीआई अब “वर्चुअल रीक्रिएशन” तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत ट्विशा शर्मा के आखिरी घंटों का डिजिटल अवतार तैयार किया जा रहा है। तीन मंजिला मकान की फॉरेंसिक मैपिंग, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी टाइमस्टैंप को जोड़कर यह समझने की कोशिश हो रही है कि वह उस समय घर में कहां मौजूद थीं और किस समय क्या गतिविधि हुई।
जांच एजेंसी “टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन” तकनीक के जरिए पूरे घटनाक्रम का मिनट-टू-मिनट वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रही है, जिससे हर गतिविधि को क्रमवार समझा जा सके।
फिलहाल सीबीआई की यह कार्रवाई केस को निर्णायक मोड़ पर ले जाती दिख रही है, और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
