ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, ग्राम सालोदा में पहले कथित तौर पर अवैध रूप से देशी और विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। गांव के लोगों ने इसका विरोध करते हुए शराब की बिक्री बंद कराई थी। आरोप है कि इसके बाद वीरू बाथम पुत्र जालम बाथम और दिनेश जाटव पुत्र रमेश जाटव शराब पीकर गांव में हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों लोगों का व्यवहार लगातार परेशानी का कारण बन रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग गांव की महिलाओं को रास्ते में परेशान करते हैं। जब कोई ग्रामीण इस व्यवहार का विरोध करता है तो उसके साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के कारण गांव में असहज स्थिति बनी हुई है और लोगों में नाराजगी है।
भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने का आरोप
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विरोध करने पर दोनों लोगों ने गांव के प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ दिए। इसके साथ ही मंदिर में स्थापित मूर्ति को उखाड़ने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों का दावा है कि इस घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
मामले में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना रोकने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के हनुमान मंदिर में पिछले दो दिनों से पूजा नहीं हो पा रही है। इससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने मंदिर में नियमित पूजा शुरू कराने और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
पुजारी को गोली मारने की धमकी देने का आरोप
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मंदिर के पुजारी को धमकी देने से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित लोग पुजारी के घर पहुंचे और कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की तो उन्हें गोली मारकर जान से खत्म कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का दावा है कि इस धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने इसे पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है।
पहले भी थाना पोहरी में दी थी शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर 27 अक्टूबर को थाना पोहरी में लिखित शिकायत दी गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोग खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार धमका रहे हैं।
शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि हनुमान जी की मूर्ति तोड़ने की बात कही जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को झूठे हरिजन एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, मंदिर में पूजा-अर्चना दोबारा शुरू कराने और पुजारी सहित गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की मांग बनी हुई है।
