पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में तूफान ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ के असर से मौसम बदला हुआ था। पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज आंधी और बारिश का दौर चला। वहीं भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।
अब प्रदेश में कहीं बारिश का अलर्ट नहीं
इससे पहले बुधवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई। हालांकि, अब मौसम विभाग ने कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं दी है। 6 नवंबर को भी मौसम साफ रहने का अनुमान है। इसी दिन धनतेरस है। ऐसे में बाजारों में खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को बारिश की परेशानी नहीं होगी।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगेगा। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को मिल सकती है। इस क्षेत्र में उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर पड़ता है।
ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर के दौरान रात का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री दर्ज किया गया था।
नवंबर में फिर सक्रिय हो सकते हैं बारिश के सिस्टम
भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश का ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश का अलर्ट जारी हुआ था। मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर बारिश हो सकती है।
