मृतका की पहचान कार्या गांव निवासी ईश्वरदेवी जाटव उम्र 53 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक गुरुवार सुबह ईश्वरदेवी भैंसों का गोबर इकट्ठा कर उसे बाड़े में फेंकने के लिए गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर बाड़े से होकर निकली बिजली की लाइन पर पड़ी। बताया गया कि बिजली के तार में कट लगा हुआ था और वह खुला हुआ था।
ईश्वरदेवी ने तार को हटाने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने हाथ से तार को छुआ उन्हें तेज करंट लग गया। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि वह मौके पर ही बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तुरंत उन्हें संभाला गया।
महिला की हालत गंभीर देखकर परिजन बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब हादसे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
इस घटना के बाद बाड़े में बिजली के तार की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि जिस तार में कट लगा हुआ था उसे हटाने की कोशिश के दौरान महिला करंट की चपेट में आ गई। ग्रामीण इलाकों में खुले और क्षतिग्रस्त बिजली तारों को लेकर अक्सर सुरक्षा का सवाल सामने आता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं।
गुरुवार सुबह हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ईश्वरदेवी रोजमर्रा के घरेलू काम के लिए बाड़े में गई थीं लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां मौजूद बिजली का एक खुला तार उनकी जान ले लेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
