जानकारी के मुताबिक यह हादसा 6 जुलाई को शिवपुरी की हनुमान कॉलोनी में हुआ था। सौरभ अपने दोस्त सुमित शाक्य के साथ हाथ ठेला लेकर कबाड़ा खरीदने निकला था। दोनों एक मकान पर पहुंचे थे। वहां मौजूद महिला ने सौरभ से पहली मंजिल की छत पर रखा कबाड़ा नीचे लाने के लिए कहा। सौरभ कबाड़ा लेने के लिए ऊपर पहुंचा तो वहां मौजूद बिजली के तार की चपेट में आ गया।
करंट लगते ही सौरभ के शरीर में आग लग गई। बिजली का झटका इतना तेज था कि वह पहली मंजिल से नीचे गिर गया। हादसे के बाद उसका दोस्त सुमित उसे हाथ ठेले पर लेकर सिद्धि विनायक अस्पताल पहुंचा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसी दिन सौरभ को ग्वालियर रेफर कर दिया गया था। ग्वालियर में कई दिनों तक उसका इलाज चला लेकिन आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
सौरभ की बहन काजल शाक्य ने बताया कि हादसे के बाद जब परिवार के लोग संबंधित मकान पर पहुंचे तो वहां मौजूद महिला ने मदद करने के बजाय परिवार पर चोरी का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली थाने का रुख किया था। परिजनों ने पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया था।
सौरभ के परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई गई है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार फिजिकल थाना क्षेत्र में कोलियों के मंदिर के पास किराए के मकान में रहता है। परिवार के तीन भाई मेहनत मजदूरी करके घर का खर्च चलाते थे। सौरभ भी कबाड़ा उठाने और बेचने का काम करता था।
अब सौरभ की मौत के बाद परिवार हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिजन चाहते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और यह सामने आए कि आखिर बिजली के तार की चपेट में आने से नाबालिग की जान कैसे गई। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।
