पीड़ित महिला कंचन अग्रवाल ने इस संबंध में सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कंचन अग्रवाल डालीबाबा पंजाबी मोहल्ला की रहने वाली हैं और डाक अभिकर्ता के रूप में कार्य करती हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे कंचन अग्रवाल Bank of India से 86 हजार रुपए निकालकर जयस्तंभ चौक स्थित मुख्य डाकघर पहुंचीं थीं। उनके बैग में पूरी रकम रखी हुई थी। डाकघर में वह 7 हजार रुपए जमा करने के लिए लाइन में खड़ी थीं। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैग में ब्लेड से चीरा लगा दिया और उसमें से 77 हजार रुपए निकाल लिए।
कुछ देर बाद जब कंचन अग्रवाल ने अपना बैग देखा तो उसमें रखी नकदी गायब थी। बैग कटा हुआ देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही डाकघर कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में दो महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध नजर आई हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी की वारदात में इन महिलाओं का हाथ हो सकता है। हालांकि अब तक उनकी पहचान आधिकारिक रूप से नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य डाकघर परिसर में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सक्रिय गिरोह महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। घटना के बाद लोगों ने डाकघर परिसर में सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
