जानकारी के मुताबिक, सरिया टोला माधवगढ़ निवासी अर्चित सिंह रविवार सुबह अपने पांच दोस्तों के साथ माधवगढ़ स्थित नदी के एनीकेट पर नहाने गया था। भीषण गर्मी के बीच सभी दोस्त नदी में मस्ती कर रहे थे। लगभग डेढ़ घंटे तक नहाने के बाद एक-एक कर सभी युवक पानी से बाहर निकलने लगे। इसी दौरान अर्चित का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह गहरे पानी में चला गया।
अर्चित को डूबता देख दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। दोस्तों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और उसे खोजने की कोशिश शुरू की, लेकिन पानी ज्यादा गहरा होने के कारण उसका कोई पता नहीं चल सका। दोस्तों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर भी नदी किनारे पहुंच गए और युवक की तलाश शुरू की गई।
करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने अर्चित को पानी से बाहर निकाला। युवक की हालत गंभीर थी। परिजन और दोस्त उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हादसा पैर फिसलने के कारण होना बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में युवक नदी और एनीकेट में नहाने पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से अक्सर हादसे हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक जलाशयों के आसपास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
