रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में लगातार बारिश के बाद बीहर नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस बाढ़ का असर आम लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों के घरों तक भी पहुंचा। गुढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह का निजी निवास भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया। नदी किनारे स्थित उनके घर के निचले हिस्से में पानी भर जाने के कारण उन्हें करीब 18 घंटे से ज्यादा समय तक घर की दूसरी मंजिल पर रहना पड़ा। बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के कारण स्थिति ऐसी बन गई थी कि घर से नीचे उतरना मुश्किल था।
बीहर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही विधायक के घर के ग्राउंड फ्लोर और आसपास के हिस्सों में पानी पहुंच गया। हालात को देखते हुए नागेंद्र सिंह ने घर की दूसरी मंजिल पर ही रहकर पानी कम होने का इंतजार किया। लंबे समय तक बाढ़ का पानी घर के आसपास जमा रहने से निचले हिस्से में भारी गंदगी और कीचड़ फैल गया। बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बाद जब नदी का जलस्तर नीचे आया तो विधायक घर के निचले हिस्से में पहुंचे। इसके बाद वहां सफाई का काम शुरू कराया गया।
पानी उतरने के बाद घर के भीतर और आसपास की स्थिति ने बाढ़ की भयावहता को साफ दिखा दिया। कई हिस्सों में कीचड़ और गंदगी जमा हो गई थी। बाढ़ का पानी अपने साथ गाद और दूसरी गंदगी भी लेकर आया जिससे घर के निचले हिस्से को साफ करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। फिलहाल सफाई का काम जारी है।
बाढ़ के बाद भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह ने शहर में जलभराव और बाढ़ की स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने नदी और उसके आसपास बढ़ते अतिक्रमण को बाढ़ की गंभीर वजहों में से एक बताया। विधायक का कहना है कि नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण होने से पानी के निकलने का रास्ता प्रभावित होता है। जब बारिश के दौरान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो पानी को पर्याप्त जगह नहीं मिलती और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।
नागेंद्र सिंह ने रीवा में हाल के वर्षों में बनाए गए कुछ नए पुलों की ऊंचाई और डिजाइन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनके अनुसार नए पुलों की ऊंचाई पुराने पुलों की तुलना में कम दिखाई देती है। उनका दावा है कि पुलों की संरचना और कम ऊंचाई के कारण बीहर नदी के पानी के प्रवाह में रुकावट पैदा हो सकती है। इसका असर बाढ़ के दौरान आसपास के इलाकों में दिखाई देता है।
विधायक के मुताबिक इस बार नदी का जलस्तर बढ़ने और पानी के बहाव में रुकावट के चलते हालात ज्यादा गंभीर हुए। इसका असर उनके खुद के घर पर भी पड़ा और उन्हें लंबे समय तक दूसरी मंजिल पर रहना पड़ा। हालांकि अब नदी का जलस्तर घटने लगा है और घर में सफाई का काम चल रहा है।
रीवा में आई इस बाढ़ ने एक बार फिर नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र अतिक्रमण और पुलों के निर्माण की गुणवत्ता व डिजाइन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। विधायक ने जिन मुद्दों को उठाया है उन पर प्रशासनिक स्तर पर जांच और तकनीकी समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है ताकि भविष्य में भारी बारिश के दौरान शहर और नदी किनारे रहने वाले लोगों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
