मध्यप्रदेश। में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन जारी है। अब तक 3 लाख 5 हजार 82 किसान अपना पंजीयन करा चुके हैं। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराने का आह्वान किया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। पंजीयन व्यवस्था को किसानों के लिए सहज और सुगम बनाया गया है और प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।
अब तक जबलपुर संभाग में 1 लाख 47 हजार 824, रीवा संभाग में 94 हजार 384, शहडोल संभाग में 21 हजार 456, नर्मदापुरम संभाग में 16 हजार 398, सागर संभाग में 16 हजार 155 और भोपाल संभाग में 8 हजार 599 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों के लिए नि:शुल्क पंजीयन की व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के अलावा सहकारी समितियों तथा सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर की गई है।
सशुल्क पंजीयन की सुविधा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर उपलब्ध है। प्रति पंजीयन 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इन श्रेणियों के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
किसानों की सुविधा के लिए जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केंद्रों को भी क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसान अपना मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इस काम के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ समन्वय किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन और जेआईटी पोर्टल के माध्यम से एक रुपये का लेनदेन कराया जाएगा।
पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। यह सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन तभी होगा, जब उसके भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। नाम में अंतर होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा और सत्यापन के बाद ही ऐसा पंजीयन मान्य होगा।
