मध्य प्रदेश: के इंदौर में गरबा आयोजन के दौरान नाबालिग लड़की के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष कमल सिंह चौहान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 7 और 8 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और 75(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में लड़की ने आरोप लगाया है कि चौहान ने उसका हाथ पकड़ा, खींचा और सीने पर हाथ मारते हुए धक्का दिया। दूसरी ओर, चौहान ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
यह मामला विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो में आयोजित मां कनकेश्वरी गरबा उत्सव से जुड़ा है। घटना 15 और 16 अक्टूबर की दरमियानी रात की बताई गई है। शिकायत 17 वर्षीय लड़की ने 17 अक्टूबर को दर्ज कराई। आयोजन के दौरान लड़की को धक्का दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। इसके बाद पार्टी ने भी चौहान से जवाब मांगा और उन्हें तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया।
एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, लड़की की छोटी बहन गरबा आयोजन में शामिल थी। गरबा करते समय उसे प्यास लगी तो बड़ी बहन ने उसे पानी पिलाया। इस दौरान छोटी बहन का पास बड़ी बहन के पास ही रह गया। वह पास लौटाने के लिए अपनी बहन को आवाज लगा रही थी। इसी बीच कमल सिंह चौहान वहां पहुंचे और उससे पूछने लगे कि वह पास क्यों बदल रही है।
लड़की ने शिकायत में बताया कि उसने चौहान को स्पष्ट किया कि वह पास नहीं बदल रही, बल्कि उसकी बहन का पास उसके पास रह गया है। आरोप है कि इसके बाद चौहान ने उसका हाथ गलत तरीके से पकड़ा और खींचा। लड़की के मुताबिक, उन्होंने उसके सीने पर हाथ मारते हुए जोर से धक्का भी दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि चौहान ने कहा कि यहां हजारों लड़कियां आती हैं और उन्हें मालूम है कि वे क्या करती हैं। लड़की ने कहा कि इस तरह छुआ जाना उसे अच्छा नहीं लगा। उसने अपने पिता के साथ भी गलत व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 7 और 8 लगाए जाने की वजह भी शिकायत में दर्ज आरोपों से जुड़ी है। धारा 7 के तहत बच्चे के साथ यौन मंशा से शारीरिक संपर्क बनाने या ऐसा कृत्य करने का आरोप आने पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें कपड़ों के ऊपर से किया गया संपर्क भी परिस्थितियों और कथित मंशा के आधार पर शामिल हो सकता है। धारा 8 में इस अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। दोष सिद्ध होने पर तीन से पांच साल तक की कैद और जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, बीएनएस की धारा 74 महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने की नीयत से हमला करने या आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित है। धारा 75 यौन उत्पीड़न से जुड़े कृत्यों को परिभाषित करती है, जब
कि इसकी उपधारा 75(2) में संबंधित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। इन धाराओं के तहत कार्रवाई का आधार शिकायत में लगाए गए आरोप हैं। आरोप सही हैं या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
उधर, कमल सिंह चौहान ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह पिछले दस वर्षों से गरबा आयोजन में सेवा दे रहे हैं और अब तक ऐसी घटना नहीं हुई। चौहान का दावा है कि लड़की के पिता शराब पीकर आयोजन में आए थे। उनके मुताबिक, वह पिता को समझाने पहुंचे थे, तभी लड़की बीच में आ गई और उनसे बहस करने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की ने गाली भी दी और समझाने के बावजूद नहीं मानी। चौहान ने कहा कि जब उन्होंने उसे बाहर निकाला, तब यह घटना हुई।
चौहान ने यह भी कहा कि यदि उनके व्यवहार से किसी को बुरा लगा है तो वह माफी मांगते हैं। उन्होंने लड़की से भी माफी मांगने की बात कही और मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तथा नगर अध्यक्ष से मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वह दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया जाए। फिलहाल, मामला दर्ज होने के बाद आरोपों की जांच और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
