ट्रेन का संचालन 3 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। दोनों दिशाओं में यह ट्रेन कुल 9-9 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 04109 प्रयागराज से तिरुचानूर की ओर चलेगी, जबकि 04110 तिरुचानूर से प्रयागराज के लिए वापसी सेवा देगी।
प्रयागराज से रवाना होने वाली ट्रेन हर शनिवार सुबह 5:20 बजे चलेगी। इसके बाद यह मानिकपुर, सतना और कटनी होते हुए सुबह 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन इटारसी, नागपुर और चंद्रपुर के रास्ते दक्षिण भारत की ओर आगे बढ़ेगी।
ट्रेन रविवार सुबह 8:30 बजे विजयवाड़ा पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 3:10 बजे रेणिगुंटा और शाम 4:10 बजे तिरुचानूर पहुंचेगी। इस तरह यात्रियों को प्रयागराज से तिरुचानूर तक लंबी दूरी की यात्रा के लिए बीच में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 04110 तिरुचानूर से हर रविवार रात 11:55 बजे रवाना होगी। यह रेणिगुंटा, विजयवाड़ा, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना और मानिकपुर होते हुए मंगलवार सुबह 10:35 बजे प्रयागराज पहुंचेगी।
मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए इस ट्रेन की सुविधा खास तौर पर महत्वपूर्ण है। जबलपुर और इटारसी जैसे प्रमुख रेलवे जंक्शनों से यात्रियों को दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण धार्मिक और व्यावसायिक क्षेत्रों तक सीधी यात्रा का विकल्प मिलेगा। कटनी के रास्ते जुड़ने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
तिरुचानूर आंध्र प्रदेश में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है और यहां श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है। वहीं, तिरुपति क्षेत्र भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के कारण देशभर के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में त्योहारों के दौरान इस रूट पर विशेष ट्रेन शुरू होने से धार्मिक यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इस रेल सेवा से मैहर, जबलपुर और विजयवाड़ा जैसे प्रमुख धार्मिक एवं व्यापारिक केंद्रों के बीच आवागमन भी आसान होगा। त्योहारों के दौरान नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सेवा यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराएगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए गए हैं। इसमें कुल 19 कोच होंगे। इनमें पांच थर्ड एसी, आठ स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी के अलावा एक एसएलआर और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं।
इस विशेष ट्रेन के संचालन से प्रयागराज, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन के निर्धारित समय और फेरों की जानकारी जरूर जांचनी होगी, ताकि यात्रा की योजना सही समय के अनुसार बनाई जा सके।
