जानकारी के अनुसार, सचिन राजपूत पिपरिया रोड स्थित महुआ गांव के पास राजपूत ढाबा संचालित करता था। 17 जून की रात वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से जांच शुरू की। सचिन के मोबाइल की अंतिम लोकेशन स्टेट हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर रानी पिपरिया नहर क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रात करीब तीन बजे नहर की पुलिया के पास सचिन का खून से लथपथ शव बरामद किया। उसके सिर में गोली लगने का निशान था।
शुरुआत में यह मामला अंधे कत्ल जैसा नजर आ रहा था, लेकिन पुलिस ने ढाबे और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो जांच की दिशा बदल गई। फुटेज में आरोपी विवेक गुर्जर दिखाई दिया, जो करीब 80 किलोमीटर दूर सीहोर जिले से बाइक पर सचिन के ढाबे पर पहुंचा था। फुटेज में यह भी देखा गया कि ढाबे पर पहुंचने के बाद सचिन ने सम्मान स्वरूप अपने मुंहबोले जीजा के पैर छुए और दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से ही हत्या की योजना बनाकर आया था। बातचीत के बाद वह सचिन को अपने साथ बाइक पर बैठाकर सुनसान रानी पिपरिया नहर की पुलिया तक ले गया। वहां पहुंचकर उसने सचिन के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में विवेक गुर्जर ने स्वीकार किया कि उसे अपनी पत्नी और सचिन के बीच संबंधों को लेकर लंबे समय से संदेह था। इसी शक ने उसके मन में नफरत और बदले की भावना पैदा कर दी। उसने सुनियोजित तरीके से सचिन को रास्ते से हटाने का फैसला किया और हत्या की साजिश रच डाली।
हत्याकांड की खबर फैलते ही सोहागपुर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
सचिन राजपूत क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता और सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले युवा के रूप में पहचान रखते थे। वह स्थानीय विधायक विजयपाल सिंह के करीबी समर्थक माने जाते थे और हर वर्ष विधायक ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन भी करते थे। उनकी हत्या से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
