पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर को खेत में मिले शव पर चोटों के साथ बिजली के करंट से झुलसने के निशान भी थे। शव की पहचान शुरू में नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के गांवों और रिजॉर्ट में पूछताछ शुरू की तथा वहां आने-जाने वाले लोगों की जानकारी और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पता चला कि मुस्कान 28 सितंबर की शाम से घर नहीं लौटी थी। कपड़ों, हुलिए और अन्य जानकारी के आधार पर शव की पहचान मुस्कान के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ शुरू की और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान पुलिस ने मुस्कान की मां सुनीता उईके और मामा अनिल धुर्वे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की। आरोप है कि 28 सितंबर की रात मोबाइल पर किसी से बात करने को लेकर मुस्कान को टोका गया था। विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने उसके साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी जान ले ली। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए शव पर बिजली का करंट लगाया। इसके बाद शव को पास के मक्के के खेत में ले जाकर फेंक दिया गया।
पुलिस का कहना है कि शव पर करंट के निशान इस तरह बनाए गए थे कि मौत को दुर्घटना का रूप दिया जा सके। जांच के दौरान घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में मुस्कान की मां ने शव को पहचानने से इनकार किया था, लेकिन पूछताछ और सामने आए साक्ष्यों के बाद उसने हत्या से जुड़ी जानकारी स्वीकार की। मामले की जांच में पुलिस ने मृतका के रिजॉर्ट में काम करने की जानकारी और उसके घर से गायब होने की समय-सीमा को भी महत्वपूर्ण माना।
पुलिस ने इस मामले में सुनीता उईके और अनिल धुर्वे को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में कुरई और बरघाट पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम ने भी काम किया। 30 सितंबर को अज्ञात युवती के शव से शुरू हुई जांच में पुलिस ने उसकी पहचान मुस्कान के रूप में की और इसके बाद पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी मां और मामा को आरोपी बनाया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
