मालिक के कहने पर लेने गया था 10 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, चोरी की यह घटना 6 अक्टूबर की है। फरियादी अपने मालिक के निर्देश पर बीना स्थित एक प्लायवुड दुकान से 10 लाख रुपये लेने गया था। रकम मिलने के बाद उसने 500-500 रुपये के नोटों की 20 गड्डियां काले रंग के पिट्ठू बैग में रखीं और बीना से भोपाल जाने वाली मेमो ट्रेन में सवार हो गया।
रास्ते में गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। इसी दौरान युवक ने रुपयों से भरा बैग सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया। कुछ देर बाद उसे नींद आ गई। जब ट्रेन विदिशा पहुंची और उसकी नींद खुली, तब तक बैग गायब हो चुका था। काफी तलाश करने के बाद भी बैग नहीं मिला तो उसने विदिशा GRP थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
200 CCTV कैमरों के फुटेज से मिला सुराग
10 लाख रुपये की चोरी का मामला सामने आने के बाद रेल पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल अंकित जायसवाल के निर्देशन में टीम ने फरियादी के आने-जाने के रास्तों और घटना से जुड़े संभावित स्थानों पर लगे करीब 200 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।
जांच के दौरान फुटेज में नजर आए संदिग्ध के हुलिए का मिलान रेल इकाई भोपाल के विभिन्न थानों में पहले दर्ज मामलों में शामिल आरोपियों के रिकॉर्ड से किया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया और संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई और उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
बैग, नकदी और मोबाइल फोन बरामद
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर काला बैग, 9 लाख 36 हजार रुपये नकद और फरियादी का मोबाइल चार्जर बरामद किया गया। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदा गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में कुल करीब 9 लाख 43 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रेल पुलिस ने यात्रियों को किया सतर्क
घटना के बाद मध्य प्रदेश रेल पुलिस ने यात्रियों से ट्रेन में सफर के दौरान नकदी और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बैग या कीमती सामान को खुला अथवा खुद से दूर न रखें। सामान को ऐसी जगह रखें, जहां उस पर लगातार नजर बनी रहे। ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दें।
