भोपाल। मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से ठीक पहले कांग्रेस आलाकमान ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इस संबंध में रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
उपचुनाव के नतीजों के ठीक मुहाने पर पूर्व विधायक पर की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई से पार्टी के आंतरिक घटनाक्रम और स्थानीय समीकरणों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दतिया उपचुनाव के लिए मतों की गिनती 3 अगस्त को होगी। मतगणना से ठीक 24 घंटे पहले पार्टी द्वारा अपने ही वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक को बाहर का रास्ता दिखाने के इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह लगातार राजेंद्र भारती पर चुनाव में भीतरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगा रहे थे। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप खुले तौर पर सामने आए थे।
राजेंद्र भारती दतिया की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे तीन बार विधायक रह चुके हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर पूरे प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए थे। उनके पिता स्वर्गीय श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे थे, जिससे दतिया में भारती परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है।
हालांकि, इसी वर्ष एक पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष अदालत से तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसी कारण दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया। बाद में दोषसिद्धि पर रोक पाने की उनकी कोशिशों के बीच मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा, लेकिन वे चुनाव नहीं लड़ सके।
उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया। मतदान के बाद घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर भाजपा के साथ मिलकर भीतरघात करने और कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों के बाद पार्टी में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी। अब मतगणना से पहले कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को छह साल के लिए निष्कासित कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
