मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग आवश्यक कार्यों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नौगांव में दर्ज किया गया है, जहां पारा सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया। इसके अलावा ग्वालियर, खजुराहो, टीकमगढ़ और रीवा जैसे इलाकों में भी लू का असर तेज बना हुआ है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि गर्मी के इस मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या भी बढ़ने लगी है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बिजली की मांग बढ़ने से कई जगहों पर आपूर्ति पर भी दबाव देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
