इंदौर और उज्जैन संभाग में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर मानी जा रही है, जहां तेज लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिसे “वॉर्म नाइट” की स्थिति कहा जा रहा है।
राजधानी Bhopal सहित जबलपुर, ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इन शहरों में गर्म हवाओं का असर देखने को मिलेगा और दिन के समय लू जैसी स्थिति बन सकती है।
बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो में सबसे अधिक 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है। रतलाम और धार भी अत्यधिक गर्म जिलों में शामिल रहे, जहां पारा 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
शाजापुर, गुना, सागर और अन्य जिलों में भी तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि गर्मी का असर पूरे राज्य में फैल चुका है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। उज्जैन में 44.7 डिग्री, इंदौर में 43.6 डिग्री, भोपाल में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 42 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है और कई जिलों में लू की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। खासकर इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।
इसके साथ ही कुछ इलाकों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की भी हल्की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन इससे गर्मी से राहत की उम्मीद कम ही है।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश फिलहाल भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहा है और लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।
