मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है जबकि नदी नाले उफान पर आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और दिल्ली एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर तेज बारिश लोगों को गर्मी और उमस से राहत देगी। हालांकि बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। पर्यटकों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का समय चल रहा है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और धान सोयाबीन मक्का तथा अन्य फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा और कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन की ओर से जारी हर अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। सतर्कता और सावधानी ही खराब मौसम के दौरान सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।
