इस मामले में पहले मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू राठौड़ को अलीराजपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस उसे लेकर खातेगांव आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में पुलिस वाहन का टायर पंक्चर हो गया। जब पुलिसकर्मी वाहन का टायर ठीक कर रहे थे, तभी आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) की बंदूक छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
अचानक हुए हमले के बाद पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोली गजेंद्र के दाहिने पैर के निचले हिस्से में लगी। गोली लगने से वह घायल हो गया। घटना के बाद उसे पहले प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद बेहतर इलाज और वैस्कुलर इंटरवेंशन की जरूरत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसे अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गजेंद्र ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभिरक्षा से भागने के लिए हथियार छीना था और टीम पर गोली चलाई थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई इसी हमले के दौरान हुई। देवास के सीएसपी सुमित अग्रवाल ने भी पुष्टि की कि आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी गोली चलाई। इस कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी।
इसी हत्याकांड के एक अन्य आरोपी धीरज के साथ भी पुलिस मुठभेड़ की घटना हुई। पुलिस के अनुसार, धीरज को हिरासत से ले जाने के दौरान उसने भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं रुका। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो उसके दाहिने पैर में लगी। यह घटना बीएनपी थाना क्षेत्र में हुई।
गोली लगने के बाद धीरज को जिला अस्पताल देवास पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। दोनों आरोपियों का उपचार जारी है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
दरअसल, यह पूरा मामला 1 नवंबर की देर रात का है। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अवैध शराब तस्करी की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान शराब तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे आइसर वाहन के चालक ने गाड़ी लेकर भागने की कोशिश की। भागने के दौरान वाहन का पिछला पहिया टीआई दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद उन्हें बचाने के लिए करीब दो घंटे तक सीपीआर और उपचार की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। थाना प्रभारी की मौत के बाद पुलिस विभाग में गंभीर प्रतिक्रिया हुई थी। मुख्यमंत्री ने भी इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
अब मुख्य आरोपी गजेंद्र और सह आरोपी धीरज के घायल होने के बाद मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। दोनों घटनाओं में पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने हिरासत से भागने और हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश की थी। इस हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई के साथ अब आगे की जांच पर भी नजर बनी हुई है।
