मृतक मणि कांत कुट्टी मूल रूप से Visakhapatnam के निवासी थे और Bengaluru में सीड व्यवसाय संचालित करते थे। बताया जा रहा है कि वे हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। महाकाल के प्रति उनकी गहरी आस्था थी और वे नियमित रूप से Shri Mahakaleshwar Temple में दर्शन करने आते थे।
शनिवार दोपहर मणि कांत कुट्टी अपने सहयोगी ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद तीनों स्कोडा कार से इंदौर के लिए रवाना हुए। रास्ते में उज्जैन-देवास बायपास पर अचानक कार का अगला बायां टायर फट गया। तेज रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार डिवाइडर से जा टकराई।
हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान मणि कांत कुट्टी ने दम तोड़ दिया, जबकि ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण का इलाज जारी है।
चालक बालकृष्ण ने बताया कि टायर फटने के बाद कार पूरी तरह अनियंत्रित हो गई थी और दुर्घटना से बचने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मणि कांत कुट्टी कई वर्षों से बाबा महाकाल के दर्शन करने आते रहे थे और उनकी धार्मिक आस्था बेहद गहरी थी।
इस हादसे की एक खास बात यह रही कि मृतक के आईफोन में एसओएस (SOS) सुविधा सक्रिय थी। दुर्घटना होते ही उनके भाई के मोबाइल पर स्वतः आपातकालीन संदेश पहुंच गया। सूचना मिलते ही परिजन विशाखापट्टनम से उज्जैन के लिए रवाना हो गए। इसी तरह इंदौर निवासी ओम धाकड़ के परिवार को भी मोबाइल अलर्ट के माध्यम से हादसे की जानकारी मिल गई, जिसके बाद वे तत्काल अस्पताल पहुंचे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह टायर फटना माना जा रहा है। यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन के टायर और तकनीकी स्थिति की नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
