पटवारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बिना समय गंवाए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए। उनके मुताबिक सत्ता और पद पर रहने का समय तेजी से गुजरता है, इसलिए सरकार को शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में मुख्यमंत्री के राजनीतिक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अब सीमित समय बचा है और उन्हें इस अवधि में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा को छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस काम करने की अपील की।
इसी दौरान जीतू पटवारी ने प्रदेशभर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के हर जिले में इस नाम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को सीधे तौर पर जोड़े जाने की बात कही गई है।
पटवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ किसी राजनीतिक दल या कांग्रेस के बैनर तले आयोजित नहीं किया जाएगा। इसमें छात्रों और उनके अभिभावकों की भागीदारी होगी। अभियान का उद्देश्य शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना तथा उनके भविष्य से संबंधित विषयों पर चर्चा करना बताया गया है।
उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अब काम शुरू किया जाना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के हित और उनके भविष्य से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान को प्रदेश के सभी जिलों तक ले जाने की घोषणा के साथ पटवारी ने छात्रों और अभिभावकों की सीधी भागीदारी पर जोर दिया। उनके अनुसार यह कार्यक्रम शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का माध्यम बनेगा और विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।
इंदौर में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने सस्ती शिक्षा का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने बचे हुए कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
इस पूरे अभियान के जरिए छात्रों और अभिभावकों को शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोड़ने की योजना बताई गई है। पटवारी ने कहा कि सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
