जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में दुर्गा पंडाल लगाने को लेकर पुलिस और युवा कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष जितिन राज के बीच विवाद सामने आया है। विजय नगर में शुक्रवार रात टेंट लगाने के दौरान शुरू हुई बहस कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई। पुलिस का कहना था कि पंडाल का टेंट सड़क पर आ रहा है जिससे यातायात बाधित हो सकता है। इसलिए टेंट को पीछे करने के लिए कहा गया था। वहीं जितिन राज का तर्क था कि वह कई वर्षों से इसी स्थान पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित करते आ रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने जितिन राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। घटना के बाद दुर्गा पंडाल लगाने और सड़क पर धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात जितिन राज अपने समर्थकों के साथ विजय नगर में दुर्गा पंडाल के लिए टेंट लगवा रहे थे। इसी दौरान थाना प्रभारी धीरज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने टेंट की स्थिति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह सड़क की ओर आ रहा है और इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने टेंट को पीछे करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर जितिन राज और टीआई के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस आमने-सामने आ गए।
विवाद के दौरान जितिन राज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से उसी स्थान पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित करते आ रहे हैं और पहले भी यहां आयोजन होते रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि टेंट तो इसी जगह लगेगा और जिसे कार्रवाई करनी है वह कर सकता है। उनके इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। जितिन राज ने भाजपा विधायक के जन्मदिन पर हुए एक कार्यक्रम का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप था कि उस दौरान मुख्य मार्ग पर करीब ढाई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था लेकिन तब कार्रवाई को लेकर ऐसे सवाल नहीं उठाए गए।
जितिन राज ने सवाल किया कि जबलपुर-अमरकंटक रोड पर भाजपा विधायक अशोक रोहाणी के जन्मदिन के आयोजन के दौरान यातायात बाधित होने पर क्या इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क पर होने वाली गतिविधियों को लेकर नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। हालांकि विधायक के जन्मदिन के आयोजन को लेकर लगाए गए उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
दूसरी ओर थाना प्रभारी धीरज कुमार ने पुलिस की कार्रवाई का पक्ष रखते हुए कहा कि सड़क पर टेंट लगाने से यातायात प्रभावित हो रहा था। उनके मुताबिक पुलिस ने इसी वजह से टेंट पीछे करने के लिए कहा था। टीआई का आरोप है कि जितिन राज ने पुलिस के साथ बहस की और कार्रवाई करने की चुनौती दी। उन्होंने विवाद के दौरान गाली गलौज होने की बात भी कही। पुलिस का कहना है कि सड़क पर यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और नियमों के अनुसार ही आयोजन की व्यवस्था होनी चाहिए।
मौके पर काफी देर तक बहस चलने के बाद पुलिस ने जितिन राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। कार्रवाई के पीछे सड़क पर टेंट लगाने से यातायात प्रभावित होने और पुलिस के साथ हुए विवाद को वजह बताया गया है। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब नवरात्र के दौरान शहर में कई स्थानों पर दुर्गा पंडाल और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए अहम चुनौती होती है। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और आयोजकों की आपत्तियों को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है इस पर नजर रहेगी
