जबलपुर निवासी सीता तिवारी ने अधिवक्ता सचिन पांडे के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की है। याचिका के मुताबिक उनके पति संतोष तिवारी छिंदवाड़ा में पुलिस विभाग में पदस्थ थे। सेवाकाल के दौरान 14 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद पुलिस विभाग की ओर से उनके खिलाफ 2.24 लाख रुपए की रिकवरी निकाली गई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा और रिकवरी की कार्रवाई को चुनौती दी गई।
मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक जैन की कोर्ट में हुई थी। हाईकोर्ट ने रिकवरी का आदेश निरस्त कर दिया था। साथ ही विभाग को संबंधित राशि 8 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद विभाग की ओर से राशि वापस करने और आदेश का पालन करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
इसी मामले में वर्ष 2025 में अवमानना नोटिस भी जारी किया गया था। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह बात रखी गई कि नोटिस जारी होने के बावजूद आदेश के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट अब तक पेश नहीं की गई। अदालत को यह भी बताया गया कि छिंदवाड़ा एसपी ने 11 फरवरी 2026 को गृह विभाग के अपर सचिव को पत्र भेजा था। पत्र में नोटिस मिलने और आगे की आवश्यक मंजूरी से संबंधित जानकारी दी गई थी।
हालांकि इसके बाद भी हाईकोर्ट के आदेश के पालन की कार्रवाई पूरी नहीं होने पर अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट के समक्ष यह स्थिति सामने आई कि आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश नहीं की गई और संबंधित राशि वापस करने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने छिंदवाड़ा एसपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने जबलपुर रेंज के आईजी को वारंट की तामील कराने के निर्देश दिए हैं। अब छिंदवाड़ा एसपी को 1 अक्टूबर को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। इस सुनवाई में अदालत के पिछले आदेश के अनुपालन और अब तक की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें विभागीय रिकवरी को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अनुपालन नहीं होने का आरोप है। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद उन्हें निर्धारित राशि नहीं मिली। वहीं विभाग की ओर से गृह विभाग को पत्र भेजे जाने की जानकारी अदालत के सामने रखी गई है। अब आगे की सुनवाई में अदालत इस मामले में विभाग की कार्रवाई और आदेश के पालन की स्थिति देखेगी।
