आजाद नगर थाना पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान मनोज 35 वर्ष पिता मोहर सिंह ठाकुर निवासी मूसाखेड़ी के रूप में हुई है। वह गैस सिलेंडर की डिलीवरी और रिपेयरिंग का काम करता था। पुलिस के अनुसार रात करीब साढ़े 12 बजे उसने घर के बाहर वाले कमरे में फांसी लगा ली। घटना का पता उस समय चला जब उसकी पत्नी देर रात उसे देखने के लिए बाहर गई। वहां मनोज को फंदे पर लटका देखकर उसने परिजनों और पड़ोसियों को जानकारी दी।
मनोज के भाई विनोद के अनुसार वह रात करीब 11 बजे घर से कुछ रुपए लेकर निकला था। उसने अपनी पत्नी से कुछ देर में लौटने की बात कही थी। इसके बाद वह वापस घर पहुंचा लेकिन तब तक पत्नी और बच्चे सो चुके थे। कुछ समय बाद जब पत्नी बाहर के कमरे में पहुंची तो घटना का पता चला। परिवार के मुताबिक घटना से पहले मनोज ने विदिशा में रहने वाले अपने साले से फोन पर बातचीत भी की थी। हालांकि उसके भाई ने किसी तरह के कर्ज की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस फिलहाल घटना के कारणों और उससे पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
दूसरी घटना तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में हुई जहां सड़क दुर्घटना में युवक दीपक मनासिया की मौत हो गई। वह कुशलगढ़ महू का रहने वाला था और खेती किसानी से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार रात करीब 12 बजे डी मार्ट के पास तेज रफ्तार कार ने दीपक की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दीपक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
बताया गया कि हादसे के बाद कार में सवार युवक वाहन को मौके पर छोड़कर दूसरी कार से वहां से चले गए। इसी दौरान पीछे से आ रहे दीपक के दोस्तों ने उसे सड़क पर घायल हालत में देखा। दोस्तों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को कब्जे में ले लिया है और उसके चालक तथा अन्य लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
परिजनों के मुताबिक दीपक काम के सिलसिले में चापड़ा गया था। उसके साथ कुछ दोस्त भी अलग अलग बाइक से गए थे। वह खेती का काम करता था। परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
दोनों मामलों में पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। आजाद नगर मामले में युवक के इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है जबकि तेजाजी नगर हादसे में पुलिस वाहन और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। दोनों मामलों में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाओं की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।
