पूरा मामला एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। महिला का कहना है कि उसकी शादी 29 नवंबर 2025 को हुई थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका पति नोएडा चला गया था। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उसे कार और पैसों के लिए प्रताड़ित करता था।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति, जेठ (डॉक्टर अभिषेक), सास-ससुर सहित पूरे परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
इसी दौरान मामला तब और बढ़ गया जब डॉक्टर अभिषेक ने पुलिस पर ही मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि उन्हें थाने में बुलाकर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई के तहत पूछताछ की थी और आरोपों से बचने के लिए डॉक्टर झूठे आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और दहेज प्रताड़ना के मामले में पर्याप्त सबूतों के आधार पर FIR दर्ज हुई है।
इस पूरे विवाद में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, जिसमें महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति नोएडा में किसी अन्य युवक के साथ रह रहा है और वह उससे तलाक लेना चाहता है।
वहीं, पूछताछ के दौरान डॉक्टर अभिषेक ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल भी ले गई, लेकिन जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई।
फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मामला और जटिल होता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
