सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मंदिर के कपाट तड़के 2.30 बजे खोले गए। कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और पंचामृत से अभिषेक की प्रक्रिया संपन्न हुई।
पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। अभिषेक और पूजन के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार शुरू हुआ। इस दौरान भांग, चंदन और विभिन्न आभूषणों के साथ भगवान का अलंकरण किया गया।
स्वतंत्रता दिवस के कारण इस बार श्रृंगार में तिरंगे के रंगों को प्रमुखता दी गई। बाबा महाकाल के मस्तक पर केसरिया, सफेद और हरे रंग का तिरंगा त्रिपुंड लगाया गया। इसके साथ रजत मुकुट पर भारत के तिरंगे का प्रतीक भी सजाया गया।
श्रृंगार के दौरान भगवान के दोनों ओर हाथी के आभूषण लगाए गए। इसके अलावा रंग-बिरंगी पुष्प मालाओं से भी बाबा महाकाल का अलंकरण किया गया। भस्म आरती की धार्मिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न पूजन और श्रृंगार की प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म अर्पित की गई।
भस्म अर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाबा महाकाल को विभिन्न रजत आभूषणों से सजाया गया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। इसके साथ पुष्प मालाओं और सुगंधित फूलों से भी भगवान का श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को राजा स्वरूप में सजाया गया और फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुए इस विशेष श्रृंगार में धार्मिक परंपरा के साथ तिरंगे रंगों की झलक देखने को मिली।
मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी धार्मिक परंपरा के बीच श्रद्धालुओं ने भस्म आरती में बाबा महाकाल के विशेष स्वरूप के दर्शन किए।
भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन के साथ नंदी महाराज के भी दर्शन किए। कई श्रद्धालुओं ने नंदी के कान के समीप अपनी मनोकामना व्यक्त की और आशीर्वाद मांगा।
आरती के दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल के जयकारे लगाते रहे। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे रंगों में सजे बाबा महाकाल के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए इस दिन के धार्मिक आयोजन की खास झलक रहे।
