यह मामला शिवपुरी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्रीमंत माधवराव सिंधिया पीजी कॉलेज में पदस्थ सहायक प्राध्यापक चेतन्य राजपूत और उनकी महिला सहकर्मी राजवती किरार से जुड़ा है। ग्वालियर निवासी प्रीति राजपूत का आरोप है कि उनके पति चेतन्य राजपूत कॉलेज में पदस्थ अविवाहित सहायक प्राध्यापक राजवती किरार के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। इसी बात को लेकर वह प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचीं और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया।
प्रीति राजपूत का दावा है कि उनके पति और महिला सहकर्मी का एक बच्चा भी है। उन्होंने अपने नौ वर्षीय बेटे का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनके पति ने उन्हें और बच्चे को छोड़ दिया है। प्रीति का कहना था कि उनका पति संबंधित आवास के अंदर मौजूद है, लेकिन बाहर नहीं आ रहा है। इसी बात को लेकर मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही। हालांकि, बच्चे के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद डायल-112 और महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में भी काफी देर तक गतिरोध बना रहा। करीब तीन घंटे बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां उनके बीच हुए विवाद से संबंधित शिकायतें सामने आईं। इस दौरान मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
प्रीति राजपूत ने अपने पति चेतन्य राजपूत और महिला सहायक प्राध्यापक राजवती किरार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने लिव-इन संबंधों और कथित धोखाधड़ी को लेकर जांच की मांग की। साथ ही, उन्होंने संबंधित बच्चे का डीएनए परीक्षण कराने की मांग भी उठाई है। यह मांग उनकी शिकायत का हिस्सा है। फिलहाल डीएनए परीक्षण कराए जाने या बच्चे की जैविक पहचान के संबंध में किसी निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर, सहायक प्राध्यापक राजवती किरार ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीति राजपूत उनके घर में जबरन घुसीं और उनके साथ बदतमीजी की। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस के सामने आरोपों की जांच करने और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।
कॉलेज के प्राचार्य पवन श्रीवास्तव ने चेतन्य राजपूत और राजवती किरार के साथ रहने की बात की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने बताया कि घटना के समय वह बाहर थे और उन्हें प्रोफेसर कॉलोनी में हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी। वहीं, फिजिकल थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ के अनुसार, दोनों पक्षों से प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है। शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और विवाद से जुड़े अन्य तथ्यों का स्पष्ट होना जांच के बाद ही संभव होगा।
