ग्लास फैक्ट्री को जिले में निवेश और रोजगार की संभावनाओं से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। हालांकि, इससे 2000 लोगों को रोजगार मिलने की बात फिलहाल एक संभावना है। वास्तविक रोजगार के अवसर परियोजना की प्रगति और संचालन से जुड़ी परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे। सरकार का जोर इस बात पर है कि जिले में उद्योगों का विस्तार होने के साथ स्थानीय युवाओं को भी काम के अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और संबंधित अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में जिले में निवेश बढ़ाने और औद्योगिक इकाइयों के विस्तार पर जोर दिया। जानकारी के अनुसार, जिले में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए जमीन आवंटित की गई है। इनमें से कुछ उद्योगों ने निर्धारित समय के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कर उत्पादन भी शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य नए निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।
स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की योजना पर भी जोर दिया गया। इसके तहत उद्यमियों और अधिकारियों को पहले से यह आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले समय में उद्योगों को कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी और उनके पास किस तरह का कौशल होना चाहिए। इस जानकारी के आधार पर युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा सकती है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नौकरियों के लिए तैयार किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। इसके अलावा चंबल एक्सप्रेसवे के आसपास आर्थिक कॉरिडोर विकसित करने की पहल पर भी चर्चा हुई। इस योजना के माध्यम से ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग तथा कारोबार से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की संभावना है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी मुरैना के लिए कई परियोजनाओं का उल्लेख किया गया। जिले में 75 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक कॉलेज बनाने की तैयारी है। इसके साथ निजी क्षेत्र में स्थापित नए मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण भी किया गया। इन परियोजनाओं का संबंध जिले में शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से है।
खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की जरूरत बताई। इसका उद्देश्य कृषि उपज से खाद्य उत्पाद तैयार करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। वहीं, दुग्ध उत्पादन को गति देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड यानी एनडीडीबी की मदद से प्रयास किए जा रहे हैं।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार राशि की भी घोषणा की गई। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दो-दो लाख रुपये देने की बात कही गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए एक-एक लाख रुपये की राशि घोषित की गई। राज्य स्तर के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
दौरे के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा भी की गई। जहां आवश्यक समझा गया, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टरों से विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने को भी कहा गया। इसके अलावा घड़ियाल अभयारण्य सहित जिले की पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा हुई। मेडिकल टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।
