घटना 10 मई की बताई जा रही है, जब दीपक शर्मा भोपाल से राजगढ़ लौट रहे थे। नरसिंहगढ़ और कुरावर के बीच हाईवे पर एक परिचित महिला ने उन्हें हाथ देकर रोका। परिचित होने के कारण उन्होंने कार रोक दी, लेकिन जैसे ही वाहन रुका, पहले से घात लगाए 7-8 युवक वहां पहुंच गए और उन्हें जबरन कार में बैठाकर जंगल की ओर ले गए।
आरोप है कि बदमाशों ने सीहोर जिले की काली पहाड़ी के जंगल में उन्हें बंधक बनाकर करीब तीन घंटे तक बेरहमी से पीटा। इस दौरान उनके हाथ-पैर पर चोटें आईं और आंखों में भी गंभीर चोट लगी। आरोपियों ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर जान से मार देंगे। दबाव बनाकर उन्होंने परिजनों से फोन कराकर करीब 61 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए।
दीपक शर्मा के अनुसार, आरोपियों ने उनके साथ लूटपाट भी की और घड़ी, अंगूठी, लॉकेट, मोबाइल फोन और नकदी छीन ली। इसके अलावा एटीएम कार्ड और पिन लेकर उससे भी करीब 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का आरोप है कि बदमाशों ने उनके कपड़े फाड़कर उनका न्यूड वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार मानसिक दबाव बनाया।
घटना के बाद पीड़ित काफी डरे हुए थे, जिसके चलते उन्होंने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। बाद में 12 मई को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच शुरू की, जिससे पूरे गिरोह की परतें खुलने लगीं।
जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह था, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। पुलिस ने एक-एक कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में देवा वंशकार, रवींद्र जीत डग, अदनान खान, कृष्णा यादव, तरुण मेवाड़ा, रितिक वाल्मीकि और मंजू प्रजापति शामिल हैं। सभी आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 5.97 लाख रुपये का सामान बरामद किया है, जिसमें नकदी, एटीएम से निकाले गए पैसे और लूटा गया सामान शामिल है। इस पूरे मामले में डकैती, अपहरण, बंधक बनाना और वसूली जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
एसपी अमित तोलानी के अनुसार, यह एक सुनियोजित अपराध था जिसमें हाईवे पर लिफ्ट दिलाने के बहाने शिकार को फंसाया गया। पुलिस ने दावा किया है कि गिरोह के अन्य नेटवर्क और संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने हाईवे सुरक्षा और संगठित अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
