बताया जा रहा है कि घटना दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच की है। वर्दी पहने यह सिपाही सड़क पर लोटपोट होता नजर आया और खुद को संभालने की स्थिति में नहीं था। राहगीरों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक युवक उससे उसका नाम और स्थिति पूछने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सिपाही ठीक से बोल भी नहीं पा रहा—सिर्फ इशारे करता और बड़बड़ाता नजर आता है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि सिपाही की वर्दी से नेम प्लेट भी गायब बताई जा रही है, जिससे उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। यही वजह है कि मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और होमगार्ड विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक यह मामला पहुंच गया है, जिससे महकमे में हलचल मच गई है।
इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं क्या सिपाही ड्यूटी पर था? अगर नहीं, तो वर्दी में इस हालत में सार्वजनिक स्थान पर कैसे पहुंचा? और यदि ड्यूटी पर था, तो यह अनुशासनहीनता किस स्तर की है? साथ ही, नेम प्लेट का गायब होना भी संदेह को और गहरा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ विभाग की छवि को धूमिल करती हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करती हैं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन माना जा रहा है कि वीडियो के आधार पर जल्द ही संबंधित सिपाही की पहचान कर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना फिलहाल पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
