विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस नए लेक्चर थिएटर में बड़े लेक्चर हॉल, सेमिनार रूम और स्टूडेंट एक्टिविटी स्पेस शामिल होंगे। इसके साथ ही यहां आधुनिक डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।
कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई ने बताया कि विश्वविद्यालय में लगातार नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं और छात्रों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा क्लासरूम क्षमता भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए तक्षशिला कैंपस में यह नई बिल्डिंग तैयार करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक विस्तार ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी संस्थान को मजबूत बनाना है।
यह नया भवन एजुकेशन डिपार्टमेंट के उस हिस्से में बनाया जाएगा, जहां पहले EMRC संचालित होता था। भवन की संरचना G+4 होगी और इसकी शुरुआती लागत लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है। हालांकि, जैसे-जैसे फ्लोर और सुविधाओं का विस्तार होगा, लागत में वृद्धि संभव है।
इस परियोजना को हाल ही में विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद बैठक में मंजूरी दी गई थी, जिसमें 590 करोड़ रुपये का बजट भी पास किया गया था। इसी बजट में इस लेक्चर थिएटर के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि नए कोर्स और सीटों की वृद्धि से विश्वविद्यालय की आय में भी सुधार होगा।
पिछले कुछ समय में DAVV ने कई विभागों में सीटों की संख्या बढ़ाई है और नए शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इससे विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक शैक्षणिक ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
तक्षशिला कैंपस में बनने वाला यह लेक्चर थिएटर छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं न केवल पढ़ाई को आसान बनाएंगी, बल्कि रिसर्च और प्रेजेंटेशन आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा देंगी।
कुल मिलाकर, यह परियोजना DAVV के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी संस्थानों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करेगी।
